नंजनगूडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
एम. महादेव (INC) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 36.8% वोट पाकर नंजनगूड सीट जीती और डी.टी. जयकुमार (JD(S)) को 7,998 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 118 बैंदूर है।
विजेता
8.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. महादेव | 34,70136.8% | |
| 2 | डी.टी. जयकुमार | 26,70328.3% | |
| 3 | एल.एन. शिवयोगी NDA | NDA | 23,39924.8% |
| 4 | डॉ.सी.एन. मृत्युंजयप्पा NDA | NDA | 3,8184.0% |
| 5 | टी. श्रीकांत, एडवोकेट निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9442.1% |
| 6 | एस. सुन्दर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9002.0% |
| 7 | बी.ए. शिवशंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3551.4% |
| 8 | एम.एन. महादेवस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 3960.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नंजनगूड से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1989 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1994 के 76.9% से घटकर 71.0% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट JD(S) ने जीती।