बिन्नीपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
जी. नारायण कुमार (JNP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 42.1% वोट पाकर बिन्नीपेट सीट जीती और सौकत कुरेशी (INC) को 2,506 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 80 सिरसी है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। जी. नारायण कुमार 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जी. नारायण कुमार जनता | जनता | 37,99042.1% |
| 2 | सौकत कुरेशी | 35,48439.4% | |
| 3 | एम. सी. अश्वत्थनारायण | 7,2158.0% | |
| 4 | एल. कुमार स्वामी Lok Dal | Lok Dal | 2,9363.3% |
| 5 | डी. कृष्णप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3652.6% |
| 6 | पी. विंसेंट निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5651.7% |
| 7 | सत्तार शरीफ़ निर्दलीय | निर्दलीय | 9481.1% |
| 8 | बी. टी. चन्द्र शेखर निर्दलीय | निर्दलीय | 3650.4% |
| 9 | सी. डी. जॉन निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.3% |
| 10 | एस. वेंकटेशलु निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.2% |
| 11 | एस. मुद्दू निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 12 | सी. गंगन्ना गौउड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 13 | पी. हगराजा निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.1% |
| 14 | एस. डी. नागराज निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 15 | राजगोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 16 | केंपन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 17 | वी. आर. राजशेखर कसावे निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 18 | साधू रंगप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 19 | अब्दुल रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 20 | बी. शिवा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
| 21 | बी. एस. परमा शिवय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, INC और BJP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिन्नीपेट से कौन जीता, 1978–2004
JNP ने 1983 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 45.3% से घटकर 42.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 1983 के 62.2% से घटकर 52.1% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।