चन्नगिरिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
जे. एच. पटेल (JNP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 49.8% वोट पाकर चन्नगिरि सीट जीती और एन. जी. हालप्पा (INC) को 2,980 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 158 हेब्बाल है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। जे. एच. पटेल 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जे. एच. पटेल जनता | जनता | 35,20449.8% |
| 2 | एन. जी. हालप्पा | 32,22445.6% | |
| 3 | टी. सिद्धरामप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4142.0% |
| 4 | बी. एस. नागराज निर्दलीय | निर्दलीय | 9371.3% |
| 5 | के. बाबाजान निर्दलीय | निर्दलीय | 8151.1% |
| 6 | तिप्पन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चन्नगिरि से कौन जीता, 1978–2004
1978 से यहाँ हर चुनाव JNP ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.1% से घटकर 49.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1983 के 70.0% से बढ़कर 76.0% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।