मधुगिरिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
राजवर्धन (JNP) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 47.9% वोट पाकर मधुगिरि सीट जीती और गंगहनुमय्या (INC) को 676 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 55 मानवी है।
विजेता
मधुगिरि का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 676 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजवर्धन जनता | जनता | 29,15947.9% |
| 2 | गंगहनुमय्या कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 28,48346.8% |
| 3 | नागरत्न निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0721.8% |
| 4 | पी. नरसिम्हप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 9171.5% |
| 5 | एस. एन. नरसिंहलू निर्दलीय | निर्दलीय | 6671.1% |
| 6 | हुलिरामय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 6201.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मधुगिरि से कौन जीता, 1978–2004
JNP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 68.1% से घटकर 61.3% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी JNP ने यह सीट अपने पास रखी।