दावणगेरेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
पंपापति (CPI) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 48.2% वोट पाकर दावणगेरे सीट जीती और एच. मोहम्मद इकबाल साब (निर्दलीय) को 18,579 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 41 सेडम है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पंपापति 24.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पंपापति वाम दल | वाम दल | 36,50748.2% |
| 2 | एच. मोहम्मद इकबाल साब निर्दलीय | निर्दलीय | 17,92823.7% |
| 3 | नागम्मा सी. केशवमूर्ति कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 14,55519.2% |
| 4 | एस. ए. रवींद्रनाथ | 5,7957.7% | |
| 5 | मुडेगोवाद्रा मल्लिकार्जुनप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 4670.6% |
| 6 | अमीर जान निर्दलीय | निर्दलीय | 3000.4% |
| 7 | ए. एम. गिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 8 | अब्दुल लतीफ़ निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 9 | एस. जी. एन. स्वामी राव निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दावणगेरे से कौन जीता, 1978–2004
CPI ने 1978 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.1% से घटकर 48.2% रह गया। मतदान प्रतिशत 1978 के 70.6% से बढ़कर 73.1% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।