हरपनहल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
बी. एच. यंका नाईक (INC) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 56.6% वोट पाकर हरपनहल्ली सीट जीती और डी. सील्या नाईक (JNP) को 13,717 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 39 गुरमिटकल है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बी. एच. यंका नाईक 26.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी. एच. यंका नाईक कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 29,24956.6% |
| 2 | डी. सील्या नाईक जनता | जनता | 15,53230.1% |
| 3 | डी. नारायण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 6,87113.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JNP और एक निर्दलीय को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हरपनहल्ली से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 69.6% से घटकर 66.0% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978डी. नारायणदास (INC(I)), जीत का अंतर 12.1%
- 1983बी. एच. यंका नाईक (INC), जीत का अंतर 26.6%
- 1985बी. एच. एंका नाईक (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 1989बी. एच. यंका नाईक (INC), जीत का अंतर 5.9%
- 1994डी. नाराय आना दास (IND), जीत का अंतर 5.1%
- 1999पं परमेश्वर नाईक (INC), जीत का अंतर 11.8%
- 2004परमेश्वर नाईक पी. टी. (INC), जीत का अंतर 7.6%