कुंदापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
प्रतापचंद्र शेट्टी (INC) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 54.9% वोट पाकर कुंदापुर सीट जीती और मणि गोपाल (JNP) को 7,272 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 148 कोलार है।
विजेता
12.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रतापचंद्र शेट्टी कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 32,46954.9% |
| 2 | मणि गोपाल जनता | जनता | 25,19742.6% |
| 3 | रविचंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4892.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और JNP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुंदापुर से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 70.7% से घटकर 68.5% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978कौप संजीव शेट्टी (JNP), जीत का अंतर 3.2%
- 1983प्रतापचंद्र शेट्टी (INC), जीत का अंतर 12.3%
- 1985प्रतापचंद्र शेट्टी (INC), जीत का अंतर 12.7%
- 1989के. प्रताप चन्द्र शेट्टी (INC), जीत का अंतर 24.0%
- 1994के. प्रतापचंद्र शेट्टी (INC), जीत का अंतर 3.8%
- 1999हालाडी श्रीनिवास शेट्टी (BJP), जीत का अंतर 1.1%
- 2004हालाडी श्रीनिवास शेट्टी (BJP), जीत का अंतर 18.6%