कृष्णराजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
एन. एच. गंगाधर (BJP) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 48.9% वोट पाकर कृष्णराज सीट जीती और टी. वी. श्रीनिवास राव (JNP) को 12,047 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 114 तीर्थहल्ली है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एन. एच. गंगाधर 27.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एन. एच. गंगाधर | 21,16348.9% | |
| 2 | टी. वी. श्रीनिवास राव जनता | जनता | 9,11621.1% |
| 3 | जे. कमलारमन कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 7,45917.2% |
| 4 | वी. वेंकटेश निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4067.9% |
| 5 | सी. नटराज निर्दलीय | निर्दलीय | 5561.3% |
| 6 | विट्ठल राव निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.8% |
| 7 | बी. के. आत्माराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3410.8% |
| 8 | एच. लक्ष्मीनारायण राव निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.7% |
| 9 | जी. एस. रामकृष्णैया निर्दलीय | निर्दलीय | 2180.5% |
| 10 | एस. पी. थिरुमलाराव निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.5% |
| 11 | एच. आर. ललिता ICJ | ICJ | 630.1% |
| 12 | डी. पुट्टुस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 370.1% |
| 13 | शहज़ादीअम्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 290.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कृष्णराज से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 62.2% से घटकर 57.3% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट JNP ने जीती।