गुरेजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2014
नजीर अहमद खान (JKN) ने 2014 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर गुरेज सीट जीती और फ़कीर मोहमद खान (INC) को 141 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 9 संग्रामा थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 9 उरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गुरेज का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 141 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नजीर अहमद खान | 6,66448.3% | |
| 2 | फ़कीर मोहमद खान UPA | UPA | 6,52347.3% |
| 3 | मोहम्मद इस्माईल लोन | 4483.3% | |
| 4 | गु. रसूल भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.7% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 660.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKN और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गुरेज से कौन जीता, 1996–2014
JKN ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 2002 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.1% से घटकर 48.3% रह गया। 1996 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2008 के 74.0% से बढ़कर 78.3% हो गया।