अखनूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2014
राजीव शर्मा (BJP) ने 2014 के विधान सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर अखनूर सीट जीती और शाम लाल शर्मा (INC) को 9,380 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में कोई सीट नंबर 79 नहीं थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 79 जम्मू उत्तर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजीव शर्मा NDA | NDA | 41,90153.2% |
| 2 | शाम लाल शर्मा UPA | UPA | 32,52141.3% |
| 3 | देव राज | 1,2911.6% | |
| 4 | राज कुमार | 1,0031.3% | |
| 5 | डॉ. गफूर अहमद UPA | UPA | 8591.1% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 4360.6% |
| 6 | प्रदीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3040.4% |
| 7 | तेज राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2660.3% |
| 8 | पुशविंदर सिंह | 1900.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹1.91 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अखनूर से कौन जीता, 1996–2014
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2008 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1996 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2008 के 79.7% से बढ़कर 81.1% हो गया।