कठुआविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2014
राजीव जसरोटिया (BJP) ने 2014 के विधान सभा चुनाव में 39.1% वोट पाकर कठुआ सीट जीती और सोम राज मजोत्रा (BSP) को 6,806 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 65 अखनूर थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 65 बसोहली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजीव जसरोटिया NDA | NDA | 35,67039.1% |
| 2 | सोम राज मजोत्रा | 28,86431.6% | |
| 3 | चरणजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 13,24214.5% |
| 4 | जतिंदर सिंह उर्फ़ बाबू सिंह UPA | UPA | 7,1957.9% |
| 5 | सुभाष चन्द्र | 1,3051.4% | |
| 6 | रोबिन रामकृष्ण उर्फ़ रोबिन शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0881.2% |
| 7 | मनोज कुमार | 7600.8% | |
| 8 | किशोर कुमार UPA | UPA | 7020.8% |
| 9 | बलबीर सिंह | 5050.6% | |
| 10 | एस. जमीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4110.5% |
| 11 | नरेश कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3860.4% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 2720.3% |
| 12 | गुरनाम सिंह AJKMP | AJKMP | 2270.3% |
| 13 | कस्तूरी लाल BMUP | BMUP | 2120.2% |
| 14 | सुदेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.2% |
| 15 | हरीश चन्द्र शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.32 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कठुआ से कौन जीता, 1996–2014
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2008 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1996 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1996 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2008 के 73.0% से बढ़कर 80.7% हो गया।