त्रालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2014
मुश्ताक अहमद शाह (JKPDP) ने 2014 के विधान सभा चुनाव में 38.6% वोट पाकर त्राल सीट जीती और मोहम्मद अशरफ भट्ट (JKN) को 4,110 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 31 वाची थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 31 चडूरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुश्ताक अहमद शाह | 12,41538.6% | |
| 2 | मोहम्मद अशरफ भट्ट UPA | UPA | 8,30525.8% |
| 3 | गु. मोहम्मद मीर UPA | UPA | 3,64911.3% |
| 4 | अवतार सिंह NDA | NDA | 2,9459.2% |
| 5 | अब. रशीद दार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2226.9% |
| 6 | शेख अब. रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6495.1% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 7172.2% |
| 7 | कृष्ण सिंह | 2910.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.89 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
त्राल से कौन जीता, 1996–2014
JKPDP ने 2008 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 28.5% से बढ़कर 38.6% हो गया। मतदान प्रतिशत 2008 के 48.7% से घटकर 38.2% रह गया।