ईदगाहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2014
मुबारक अहमद गुल (JKN) ने 2014 के विधान सभा चुनाव में 41.4% वोट पाकर ईदगाह सीट जीती और अली मोहम्मद वानी (JKPDP) को 608 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 20 ईदगाह थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 20 खानयार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मुबारक अहमद गुल 3.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार + नोटा| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुबारक अहमद गुल | 6,76641.4% | |
| 2 | अली मोहम्मद वानी | 6,15837.7% | |
| 3 | इम्तियाज अहमद खान UPA | UPA | 1,2747.8% |
| 4 | फयाज अहमद भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2387.6% |
| 5 | इरफान अहमद मट्टू JPC | JPC | 3852.4% |
| 6 | मेहराज उद दीन भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 2131.3% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1771.1% |
| 7 | गुलाम मोहम्मद राथर निर्दलीय | निर्दलीय | 970.6% |
| 8 | मोहम्मद अशरफ खान AJKMP | AJKMP | 440.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ईदगाह से कौन जीता, 1996–2014
1996 से यहाँ हर चुनाव JKN ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.0% से बढ़कर 41.4% हो गया। 1996 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2008 के 22.1% से बढ़कर 27.8% हो गया।