पम्पोरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
अब. अजीज मीर (JKPDP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 38.5% वोट पाकर पम्पोर सीट जीती और मोहम्मद अनवर भट्ट (INC) को 705 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 32 शोपियां थी। 2024 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब. अजीज मीर PDP | PDP | 3,81138.5% |
| 2 | मोहम्मद अनवर भट्ट | 3,10631.4% | |
| 3 | गु. नबी भट्ट | 2,00320.2% | |
| 4 | गु. मोहम्मद इटू निर्दलीय | निर्दलीय | 2702.7% |
| 5 | मुज़फ़्फ़रुल्लाह मीर NDA | NDA | 1861.9% |
| 6 | श्रीमती हफीजा बेगम निर्दलीय | निर्दलीय | 1571.6% |
| 7 | सुहैल अहमद मीर NDA | NDA | 1111.1% |
| 8 | मोहम्मद यूसुफ दार | 920.9% | |
| 9 | मुश्ताक अहमद भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 720.7% |
| 10 | अली मोहम्मद भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 520.5% |
| 11 | प्रदीप महिंद्रू | 480.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पम्पोर से कौन जीता, 1996–2024
JKPDP ने यह सीट JKN से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1996 के 58.0% से घटकर 19.2% रह गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में भी JKPDP ने यह सीट अपने पास रखी।