बड़ी ब्राह्मणाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
स्वर्ण लता (INC) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 45.5% वोट पाकर बड़ी ब्राह्मणा सीट जीती और गुरनबचन कुमारी (निर्दलीय) को 6,073 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 57 बिलावर थी। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 57 गुलाबगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — स्वर्ण लता 19.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | स्वर्ण लता | 14,53945.5% | |
| 2 | गुरनबचन कुमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 8,46626.5% |
| 3 | सेवा रमन निर्दलीय | निर्दलीय | 5,63717.6% |
| 4 | बंसी लाल | 1,2654.0% | |
| 5 | राम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 9062.8% |
| 6 | भगत राम भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 6121.9% |
| 7 | धर्म पाल Lok Dal | Lok Dal | 5241.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बड़ी ब्राह्मणा से कौन जीता, 1977–1987
INC ने 1983 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.9% से घटकर 45.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1983 के 71.0% से बढ़कर 75.3% हो गया।