बनिहालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
मौलवी अब्दुल रशीद (JKN) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 57.9% वोट पाकर बनिहाल सीट जीती और मोहम्मद अख्तर निजाम (निर्दलीय) को 7,893 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 50 का नाम बनिहाल था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 50 ज़ांस्कर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मौलवी अब्दुल रशीद 32.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मौलवी अब्दुल रशीद | 13,94957.9% | |
| 2 | मोहम्मद अख्तर निजाम निर्दलीय | निर्दलीय | 6,05625.1% |
| 3 | अब्दुल आहाद मलिक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,74311.4% |
| 4 | मोहम्मद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 6982.9% |
| 5 | अब्दुल माजिद निर्दलीय | निर्दलीय | 4691.9% |
| 6 | खादिम हुसैन जनता | जनता | 1680.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKN, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बनिहाल से कौन जीता, 1977–1987
1977 से यहाँ हर चुनाव JKN ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 63.7% से घटकर 57.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 1983 के 65.7% से घटकर 62.0% रह गया।