डोडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
अताउल्लाह सोहरावर्दी (JKN) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 92.5% वोट पाकर डोडा सीट जीती और चुनी लाल (LKD) को 27,837 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 48 का नाम डोडा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 48 लेह है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अताउल्लाह सोहरावर्दी 88.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अताउल्लाह सोहरावर्दी | 29,23292.5% | |
| 2 | चुनी लाल Lok Dal | Lok Dal | 1,3954.4% |
| 3 | परमानन्द | 4471.4% | |
| 4 | सुदेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.5% |
| 5 | सोहन लाल वाम दल | वाम दल | 1330.4% |
| 6 | शेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 950.3% |
| 7 | देस राज निर्दलीय | निर्दलीय | 810.3% |
| 8 | राम लाल गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 9 | दलीप कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKN को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डोडा से कौन जीता, 1977–1987
JKN ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1983 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JKN की पहली जीत थी।