कुपवाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
मुश्ताक अहमद लोन (JKN) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 37.1% वोट पाकर कुपवाड़ा सीट जीती और अब्दुल हक खान (JKP) को 1,779 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 4 बांदीपुरा थी। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 4 हंदवाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुश्ताक अहमद लोन | 12,58537.1% | |
| 2 | अब्दुल हक खान JKP | JKP | 10,80631.8% |
| 3 | मोहमद अशरफ सेहराई निर्दलीय | निर्दलीय | 8,95926.4% |
| 4 | ज़हूर अहमद वानी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1893.5% |
| 5 | अब्दुल जब्बर हजम निर्दलीय | निर्दलीय | 4151.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुपवाड़ा से कौन जीता, 1977–1987
1977 से यहाँ हर चुनाव JKN ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.3% से घटकर 37.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 1983 के 60.0% से बढ़कर 66.9% हो गया।