चरार-ए-शरीफविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
अब्दुल रहीम राथर (JKN) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 82.9% वोट पाकर चरार-ए-शरीफ सीट जीती और अब्दुल रशीद (निर्दलीय) को 22,385 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 27 चडूरा थी। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 27 बडगाम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अब्दुल रहीम राथर 73.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुल रहीम राथर | 25,44782.9% | |
| 2 | अब्दुल रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,06210.0% |
| 3 | गुलाम मोहमद JKP | JKP | 1,7875.8% |
| 4 | गुलाम क़ादिर निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.6% |
| 5 | अली मोहमद गणी निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.4% |
| 6 | फ़ैज़ अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 690.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKN को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1996 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1996 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चरार-ए-शरीफ से कौन जीता, 1977–1987
1977 से यहाँ हर चुनाव JKN ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 69.8% से बढ़कर 82.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 1983 के 76.8% से बढ़कर 80.7% हो गया।