चडूराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
मीर मुस्तफा (निर्दलीय) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 40.6% वोट पाकर चडूरा सीट जीती और अब्दुल समद मीर (JKN) को 1,406 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 26 चरार-ए-शरीफ थी। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 26 चडूरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मीर मुस्तफा 4.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मीर मुस्तफा निर्दलीय | निर्दलीय | 12,92040.6% |
| 2 | अब्दुल समद मीर | 11,51436.2% | |
| 3 | मोहम्मद इस्मायल निर्दलीय | निर्दलीय | 6,34719.9% |
| 4 | नूर यू. दीन JPP | JPP | 3000.9% |
| 5 | क़ादिर गुजरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.8% |
| 6 | मोहम्मद फारूक औद्रोली निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.5% |
| 7 | गुलाम मोहम्मद भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.5% |
| 8 | पीरजादा अब्दुल रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, JKN और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चडूरा से कौन जीता, 1977–1987
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JKN से छीन ली, जिसने इसे 1983 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1983 के 67.8% से बढ़कर 70.9% हो गया।