हंदवाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
चौधरी मोहम्मद रमजान (JKN) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 46.9% वोट पाकर हंदवाड़ा सीट जीती और अब्दुल-गणी-लोन (JKP) को 1,330 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 2 कुपवाड़ा थी। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 2 कुपवाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। चौधरी मोहम्मद रमजान 3.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चौधरी मोहम्मद रमजान | 20,42346.9% | |
| 2 | अब्दुल-गणी-लोन JKP | JKP | 19,09343.9% |
| 3 | नजीर अहमद भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4385.6% |
| 4 | मोहम्मद-रुस्तम भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 5741.3% |
| 5 | गु. मोहमद दार निर्दलीय | निर्दलीय | 4621.1% |
| 6 | गु. मोहमद मोची निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.7% |
| 7 | शेख-अब्दुल-रेहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKN, JKP और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हंदवाड़ा से कौन जीता, 1977–1987
JKN ने 1983 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 45.5% से बढ़कर 46.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 1983 के 73.9% से बढ़कर 78.8% हो गया।