जम्मू पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
हरबंस लाल भगोत्रा (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 54.8% वोट पाकर जम्मू पश्चिम सीट जीती और रमेश चन्द्र (INC) को 3,357 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 61 रामगढ़ थी। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 61 चिनैनी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरबंस लाल भगोत्रा 16.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरबंस लाल भगोत्रा जनता | जनता | 10,95654.8% |
| 2 | रमेश चन्द्र | 7,59938.0% | |
| 3 | रतन लाल गुप्ता | 6843.4% | |
| 4 | सोम नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3331.7% |
| 5 | मास्टर मोढ शरीफ निर्दलीय | निर्दलीय | 2671.3% |
| 6 | सेवा रमन निर्दलीय | निर्दलीय | 910.5% |
| 7 | मोनन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 520.3% |
| 8 | च. राम सरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 240.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1996 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1996 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जम्मू पश्चिम से कौन जीता, 1977–1987
इसके बाद 1983 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।