पुलवामाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
मोहम्मद इब्राहिम दार (JKN) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 72.6% वोट पाकर पुलवामा सीट जीती और अब्दुल काशीद वानी (JMI) को 16,175 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 28 राजपुरा थी। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 28 बीरवाह है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मोहम्मद इब्राहिम दार 62.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद इब्राहिम दार | 18,71272.6% | |
| 2 | अब्दुल काशीद वानी JMI | JMI | 2,5379.8% |
| 3 | मोहम्मद शफी सिमनानी जनता | जनता | 1,8537.2% |
| 4 | गुलाम मोहम्मद मीर (मुरान) निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4895.8% |
| 5 | गुलाम मोहम्मद मीर (राजपुरी) | 1,1894.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKN और JMI को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1996 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1996 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पुलवामा से कौन जीता, 1977–1987
इसके बाद 1983 के चुनाव में भी JKN ने यह सीट अपने पास रखी।