जाटूसानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
यादवेंद्र सिंह उर्फ़ बलजीत सिंह (INC) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 33.9% वोट पाकर जाटूसाना सीट जीती और जगदीश यादव (INLD) को 1,459 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 87 नहीं थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 87 बड़खल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
जाटूसाना का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,459 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | यादवेंद्र सिंह उर्फ़ बलजीत सिंह UPA | UPA | 39,27633.9% |
| 2 | जगदीश यादव NDA | NDA | 37,81732.6% |
| 3 | नरबीर सिंह NDA | NDA | 31,08526.8% |
| 4 | रघु यादव | 3,8243.3% | |
| 5 | बलबीर सिंह | 1,0250.9% | |
| 6 | नरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 9600.8% |
| 7 | कामरेड ईश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6360.6% |
| 8 | सुनीता देवी BRPP | BRPP | 5360.5% |
| 9 | उधम सिंह LD | LD | 4730.4% |
| 10 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 3840.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जाटूसाना से कौन जीता, 1977–2005
INC ने 2000 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.9% से घटकर 33.9% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 66.5% से बढ़कर 74.8% हो गया।
- 1977इंद्रजीत सिंह (VHP), जीत का अंतर 10.6%
- 1982इंद्रजीत सिंह (INC), जीत का अंतर 18.3%
- 1987नरबीर सिंह (LKD), जीत का अंतर 12.2%
- 1991राव इंद्रजीत सिंह (INC), जीत का अंतर 21.4%
- 1996जगदीश यादव (HVP), जीत का अंतर 9.6%
- 2000इन्द्रजीत सिंह पुत्र बिरेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 5.8%
- 2005यादवेंद्र सिंह उर्फ़ बलजीत सिंह (INC), जीत का अंतर 1.3%