सफीदोंविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
बचन सिंह आर्य (निर्दलीय) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 43.9% वोट पाकर सफीदों सीट जीती और करमवीर सैनी (INC) को 17,644 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 50 फिरोजपुर झिरका थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 50 हांसी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बचन सिंह आर्य 17.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बचन सिंह आर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 43,72143.9% |
| 2 | करमवीर सैनी UPA | UPA | 26,07726.2% |
| 3 | रामफल कुंडू NDA | NDA | 17,58417.6% |
| 4 | विजय पाल सिंह NDA | NDA | 3,5573.6% |
| 5 | राजपाल सिंह ES | ES | 3,5063.5% |
| 6 | सुभाष निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6801.7% |
| 7 | सरदूल सिंह | 1,1521.2% | |
| 8 | नरेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 9290.9% |
| 9 | कर्मबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 5370.5% |
| 10 | रामफल निर्दलीय | निर्दलीय | 4550.5% |
| 11 | करण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3070.3% |
| 12 | वीरेन्द्र सिंह | 1730.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सफीदों से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INLD से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था। यह 1987 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2000 के 73.9% से बढ़कर 78.5% हो गया।