थानेसरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
रमेश कुमार गुप्ता (INC) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 47.9% वोट पाकर थानेसर सीट जीती और अशोक कुमार अरोड़ा (INLD) को 14,786 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 22 पुण्डरी थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 22 घरौंडा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेश कुमार गुप्ता UPA | UPA | 55,72947.9% |
| 2 | अशोक कुमार अरोड़ा NDA | NDA | 40,94335.2% |
| 3 | गुरदयाल सिंह सैनी NDA | NDA | 12,65610.9% |
| 4 | हरपाल सिंह | 1,8141.6% | |
| 5 | सुतेंद्र गौड़ ES | ES | 1,4311.2% |
| 6 | सोम नाथ | 1,3261.1% | |
| 7 | बाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9340.8% |
| 8 | गोविन्द राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8210.7% |
| 9 | करम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4250.4% |
| 10 | जसबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.2% |
| 11 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, INLD और BJP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थानेसर से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट INLD से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1991 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 2000 के 69.5% से बढ़कर 73.9% हो गया।