बावलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
शकुन्तला (INC) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 59.2% वोट पाकर बावल सीट जीती और मुरारी लाल (LKD) को 18,512 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 85 नहीं थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 85 पृथला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शकुन्तला 32.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शकुन्तला कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 33,53459.2% |
| 2 | मुरारी लाल Lok Dal | Lok Dal | 15,02226.5% |
| 3 | कन्हिया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5,2429.3% |
| 4 | मोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 9131.6% |
| 5 | चन्द्र प्रकाश जनता | जनता | 8051.4% |
| 6 | पूरन चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 5651.0% |
| 7 | श्री राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3630.6% |
| 8 | हीरा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, LKD और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बावल से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 57.1% से बढ़कर 62.6% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट LKD ने जीती।