भट्टू कलांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
संपत सिंह (निर्दलीय) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 53.9% वोट पाकर भट्टू कलां सीट जीती और रण सिंह (INC) को 7,063 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 73 हिसार थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 73 कोसली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | संपत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 28,78053.9% |
| 2 | रण सिंह कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 21,71740.6% |
| 3 | शिव बख्श जांगड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0722.0% |
| 4 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7971.5% |
| 5 | राम सरूप Lok Dal | Lok Dal | 4420.8% |
| 6 | निहाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4320.8% |
| 7 | वेद प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.2% |
| 8 | जगत राम गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 840.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भट्टू कलां से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 68.1% से बढ़कर 71.0% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट LKD ने जीती।