बरवालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
इन्द्र सिंह नैन (INC) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 34.5% वोट पाकर बरवाला सीट जीती और जोगिंदर सिंह (निर्दलीय) को 5,625 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 70 हांसी थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 70 नारनौल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इन्द्र सिंह नैन कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 19,76634.5% |
| 2 | जोगिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 14,14124.6% |
| 3 | जय नारायण वर्मा Lok Dal | Lok Dal | 10,27217.9% |
| 4 | सुरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 9,01615.7% |
| 5 | कृष्ण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0033.5% |
| 6 | भीम निर्दलीय | निर्दलीय | 6361.1% |
| 7 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.7% |
| 8 | चंदगी निर्दलीय | निर्दलीय | 3670.6% |
| 9 | चेत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.6% |
| 10 | राम निवास शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.5% |
| 11 | गुलजारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरवाला से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 67.8% से बढ़कर 71.7% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट LKD ने जीती।