रोहटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
भीम सिंह (LKD) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 56.2% वोट पाकर रोहट सीट जीती और शांति देवी (INC) को 10,981 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 43 साल्हावास थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 43 डबवाली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भीम सिंह 21.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भीम सिंह Lok Dal | Lok Dal | 28,95256.2% |
| 2 | शांति देवी कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 17,97134.9% |
| 3 | कंवर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0375.9% |
| 4 | दलेल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6791.3% |
| 5 | नाथू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3240.6% |
| 6 | महेन्द्र कौर निर्दलीय | निर्दलीय | 3080.6% |
| 7 | चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.3% |
| 8 | विनोद निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
LKD और INC को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रोहट से कौन जीता, 1977–2005
LKD ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 61.3% से बढ़कर 66.8% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में भी LKD ने यह सीट अपने पास रखी।