भिवानीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
बनारसी दास (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 36.9% वोट पाकर भिवानी सीट जीती और सागर राम (निर्दलीय) को 2,494 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 67 तोशाम है।
विजेता
5.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बनारसी दास कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 16,14436.9% |
| 2 | सागर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 13,65031.2% |
| 3 | भगवान देव महागठबंधन | महागठबंधन | 11,86827.1% |
| 4 | सत्य नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 7691.8% |
| 5 | राम मिज दास निर्दलीय | निर्दलीय | 7461.7% |
| 6 | बजरंग दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3220.7% |
| 7 | फिटन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भिवानी से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1968 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.5% से घटकर 36.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 1968 के 54.4% से बढ़कर 71.8% हो गया।