कैथलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
चरण दास (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 48.9% वोट पाकर कैथल सीट जीती और ओम परभा (INC) को 3,422 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 24 गुहला है।
विजेता
6.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चरण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 26,09548.9% |
| 2 | ओम परभा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 22,67342.5% |
| 3 | हरचेत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5252.9% |
| 4 | धान पत निर्दलीय | निर्दलीय | 9291.7% |
| 5 | जिले सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5871.1% |
| 6 | वट्टू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5181.0% |
| 7 | कुसुम निर्दलीय | निर्दलीय | 4290.8% |
| 8 | प्रेम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3550.7% |
| 9 | शिव प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.3% |
| 10 | आल्ला दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कैथल से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1968 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1968 के 70.8% से बढ़कर 78.4% हो गया।