मुंढाल खुर्दविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1968
सरूप सिंह (INC) ने 1968 के विधान सभा चुनाव में 38.4% वोट पाकर मुंढाल खुर्द सीट जीती और जसवंत सिंह (SWA) को 1,422 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 68 लोहारू है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सरूप सिंह 4.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सरूप सिंह | 11,87838.4% | |
| 2 | जसवंत सिंह स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 10,45633.8% |
| 3 | दिना नाथ Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 7,44024.1% |
| 4 | मणि राम | 6392.1% | |
| 5 | जगे राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3911.3% |
| 6 | कालू निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुंढाल खुर्द से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 71.1% से घटकर 59.6% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।