नूंहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1968
खुर्शीद अहमद (INC) ने 1968 के विधान सभा चुनाव में 53.5% वोट पाकर नूंह सीट जीती और रहीम खान (VHP) को 5,937 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 51 फरीदाबाद है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — खुर्शीद अहमद 21.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | खुर्शीद अहमद | 14,67553.5% | |
| 2 | रहीम खान VHP | VHP | 8,73831.8% |
| 3 | शंकर सिंह Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 2,99110.9% |
| 4 | बशीर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0463.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, VHP और BJS को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नूंह से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 66.3% से घटकर 49.3% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।