सोनीपतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1968
मुख्तियार सिंह (BJS) ने 1968 के विधान सभा चुनाव में 56.1% वोट पाकर सोनीपत सीट जीती और देवान द्वारका खोसला (INC) को 5,306 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 35 झज्जर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मुख्तियार सिंह 16.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुख्तियार सिंह Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 18,48056.1% |
| 2 | देवान द्वारका खोसला | 13,17440.0% | |
| 3 | देव राज निर्दलीय | निर्दलीय | 8942.7% |
| 4 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2350.7% |
| 5 | राम फल उर्फ़ लेख राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJS और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सोनीपत से कौन जीता, 1967–1972
BJS ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 71.8% से घटकर 57.3% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।