शेरहड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1968
सुरजीत सिंह (INC) ने 1968 के विधान सभा चुनाव में 57.1% वोट पाकर शेरहड़ा सीट जीती और जगजीत सिंह उर्फ़ पोहलू (SWA) को 9,145 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 23 पेहोवा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुरजीत सिंह 24.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरजीत सिंह | 21,07457.1% | |
| 2 | जगजीत सिंह उर्फ़ पोहलू स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 11,92932.4% |
| 3 | मलखान सिंह VHP | VHP | 1,5764.3% |
| 4 | ठंडिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1723.2% |
| 5 | मिहान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4131.1% |
| 6 | भल्ली राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3390.9% |
| 7 | अजमेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.6% |
| 8 | अर्जुन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SWA और VHP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शेरहड़ा से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 73.8% से घटकर 66.1% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।