कालकाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1968
किशोरी लाल (INC) ने 1968 के विधान सभा चुनाव में 58.3% वोट पाकर कालका सीट जीती और लछमन सिंह (निर्दलीय) को 9,328 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 1 का नाम अब भी कालका है, अब नई सीमाओं के साथ।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — किशोरी लाल 23.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किशोरी लाल | 22,88058.3% | |
| 2 | लछमन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 13,55234.5% |
| 3 | कृष्ण राम VHP | VHP | 1,5223.9% |
| 4 | वेद प्रकाश | 8062.1% | |
| 5 | झंडू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.8% |
| 6 | शक्ति प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
पंचकूला ज़िला · 5.6 लाख लोग · जनगणना 2011
ऑटोमोबाइल पुर्ज़े और दवा उद्योग के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू87.4%
- सिख7.3%
- मुस्लिम4.2%
- ईसाई0.5%
- जैन0.3%
- बौद्ध0.2%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.2%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कालका से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 72.2% से घटकर 66.9% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।