मण्डीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
अनिल कुमार (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 45.9% वोट पाकर मण्डी सीट जीती और दुर्गा दत्त (BJP) को 2,744 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 68 का नाम मण्डी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 68 किन्नौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनिल कुमार UPA | UPA | 22,80845.9% |
| 2 | दुर्गा दत्त NDA | NDA | 20,06440.3% |
| 3 | राजिंदर मोहन | 4,5909.2% | |
| 4 | हरीश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6313.3% |
| 5 | कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3160.6% |
| 6 | नीलम NDA | NDA | 1990.4% |
| 7 | मुरारी लाल BHBP | BHBP | 1270.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.27 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मण्डी से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट HVC से छीन ली, जिसने इसे 2003 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1993 में जीत दर्ज की थी। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2003 के 71.4% से घटकर 70.2% रह गया।
- 1977सुख राम (INC), जीत का अंतर 23.9%
- 1982सुख राम (INC), जीत का अंतर 11.6%
- 1985दुर्गा दत्त (INC), जीत का अंतर 5.4%
- 1990कन्हैया लाल (BJP), जीत का अंतर 28.1%
- 1993अनिल शर्मा (INC), जीत का अंतर 35.1%
- 1998सुख राम (HVC), जीत का अंतर 47.8%
- 2003सुख राम (HVC), जीत का अंतर 27.0%
- 2007अनिल कुमार (INC), जीत का अंतर 5.5%