बंजारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
खीमी राम (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 34.5% वोट पाकर बंजार सीट जीती और सत्य प्रकाश ठाकुर (INC) को 232 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 57 कुल्लू थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 57 श्री रेणुकाजी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बंजार का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 232 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | खीमी राम NDA | NDA | 25,03734.5% |
| 2 | सत्य प्रकाश ठाकुर UPA | UPA | 24,80534.2% |
| 3 | करण सिंह | 19,63527.1% | |
| 4 | नारायण सिंह | 1,3341.8% | |
| 5 | ढाले राम NDA | NDA | 6020.8% |
| 6 | रामेश्वरी शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 5500.8% |
| 7 | राकेश वैद्य निर्दलीय | निर्दलीय | 5180.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.12 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बंजार से कौन जीता, 1977–2007
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1998 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.9% से घटकर 34.5% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2003 के 78.6% से घटकर 77.7% रह गया।
- 1977महेश्वर सिंह (JNP), जीत का अंतर 20.0%
- 1982महेश्वर सिंह (BJP), जीत का अंतर 23.2%
- 1985सत्य प्रकाश ठाकुर (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 1990करण सिंह (BJP), जीत का अंतर 11.8%
- 1993सत्य प्रकाश ठाकुर (INC), जीत का अंतर 4.2%
- 1998करण सिंह (BJP), जीत का अंतर 5.0%
- 2003खीमी राम (BJP), जीत का अंतर 6.9%
- 2007खीमी राम (BJP), जीत का अंतर 0.3%