भरमौरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
तुलसी राम (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर भरमौर सीट जीती और ठाकर सिंह (INC) को 16 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 54 चम्बा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 54 कसौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
भरमौर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 16 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तुलसी राम NDA | NDA | 18,42048.1% |
| 2 | ठाकर सिंह UPA | UPA | 18,40448.1% |
| 3 | बलबीर कुमार | 5591.5% | |
| 4 | मुनिश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5361.4% |
| 5 | चंदू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.01 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भरमौर से कौन जीता, 1977–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2003 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1998 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2003 के 73.5% से घटकर 69.3% रह गया।
- 1977राम चन्द (JNP), जीत का अंतर 27.0%
- 1982ठाकुर सिंह (INC), जीत का अंतर 9.9%
- 1985ठाकुर सिंह (INC), जीत का अंतर 19.3%
- 1990तुलसी राम (BJP), जीत का अंतर 30.4%
- 1993ठाकर सिंह (IND), जीत का अंतर 5.3%
- 1998तुलसी राम (BJP), जीत का अंतर 12.5%
- 2003ठाकर सिंह (INC), जीत का अंतर 27.3%
- 2007तुलसी राम (BJP), जीत का अंतर 0.0%