नादौनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
सुखविन्द्र सिंह सुखू (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 38.6% वोट पाकर नादौन सीट जीती और विजय अग्निहोत्री (BJP) को 586 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 24 हमीरपुर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 24 बंजार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नादौन का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 586 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुखविन्द्र सिंह सुखू UPA | UPA | 17,72738.6% |
| 2 | विजय अग्निहोत्री NDA | NDA | 17,14137.3% |
| 3 | प्रभात चौधरी | 10,40122.6% | |
| 4 | सतीश ठाकुर NDA | NDA | 2960.6% |
| 5 | विजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.6% |
| 6 | देश राज निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.26 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नादौन से कौन जीता, 1977–2007
INC ने 2003 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.8% से बढ़कर 38.6% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2003 के 73.2% से घटकर 70.3% रह गया।
- 1977नारायण चन्द (INC), जीत का अंतर 11.8%
- 1982धनी राम (BJP), जीत का अंतर 8.8%
- 1985प्रेम दास पखरोलवी (INC), जीत का अंतर 19.8%
- 1990नारायण चन्द पराशर (INC), जीत का अंतर 8.4%
- 1993नारायण चन्द पराशर (INC), जीत का अंतर 3.4%
- 1998बाबू राम मंडियाल (BJP), जीत का अंतर 1.7%
- 2003सुखविन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 10.8%
- 2007सुखविन्द्र सिंह सुखू (INC), जीत का अंतर 1.3%