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हिमाचल प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 17

शिलाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007

हर्षवर्धन चौहान (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 47.0% वोट पाकर शिलाई सीट जीती और अमर सिंह चौहान (निर्दलीय) को 3,464 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 17 का नाम शिलाई था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 17 शाहपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

हर्षवर्धन चौहान
INC· UPA
INC 47.0%निर्दलीय 38.9%4 अन्य 14.1%
मिले वोट
20,247
मतों का 47.0%
जीत का अंतर
3,464
कुल वोटों का 8.0%
उम्मीदवार
6
मतदान प्रतिशत
78.3%
55,050 मतदाताओं में से

8.0% के अंतर से साफ़ जीत।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

6 उम्मीदवार

नाम पर टैप करें

#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
हर्षवर्धन चौहान
UPA
UPA
20,24747.0%
2
अमर सिंह चौहान
निर्दलीय
निर्दलीय
16,78338.9%
3
बलदेव सिंह तोमर
NDA
NDA
3,6168.4%
4
नाथू राम चौहान
NDA
NDA
9882.3%
5
केदार सिंह जिंदान
UPA
UPA
7901.8%
6
रक्षा देवी
6881.6%

साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
8.0%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
78%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

INC, एक निर्दलीय और BJP को 94% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.63

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
68 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 35

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
47.0%INC की जीत
INC 47.0%निर्दलीय 38.9%BJP 8.4%अन्य 5.7%

उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया

इस सीट के आंकड़े
6 में से 0

उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए

घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.13 करोड़

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

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ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

शिलाई से कौन जीता, 1977–2007

INC ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1993 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.8% से बढ़कर 47.0% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 2003 जितना ही रहा: 78.3%।

  1. 1977गुमान सिंह चौहान (INC), जीत का अंतर 0.6%
  2. 1982गुमान सिंह चौहान (INC), जीत का अंतर 11.3%
  3. 1985गुमान सिंह चौहान (INC), जीत का अंतर 43.0%
  4. 1990जगत सिंह नेगी (JD), जीत का अंतर 11.9%
  5. 1993हर्ष वर्धन (INC), जीत का अंतर 21.8%
  6. 1998हर्ष वर्धन (INC), जीत का अंतर 28.1%
  7. 2003हर्ष वर्धन (INC), जीत का अंतर 19.2%
  8. 2007हर्षवर्धन चौहान (INC), जीत का अंतर 8.0%