आनीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
ईश्वर दास (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 44.5% वोट पाकर आनी सीट जीती और तेज राम (BJP) को 7,593 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 58 इनर सिराज थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 58 पांवटा साहिब है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ईश्वर दास | 22,97844.5% | |
| 2 | तेज राम NDA | NDA | 15,38529.8% |
| 3 | खूब राम आनन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 8,54416.5% |
| 4 | दीवान सिंह HVC NDA | HVC NDA | 1,8813.6% |
| 5 | रूप दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0412.0% |
| 6 | बालक राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8011.6% |
| 7 | बालक राम जोशी | 6421.2% | |
| 8 | केहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4050.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आनी से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1993 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.3% से घटकर 44.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1998 के 69.8% से बढ़कर 71.2% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।