कुल्लूविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
राज कृष्ण गौर (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 33.7% वोट पाकर कुल्लू सीट जीती और गोविन्द सिंह ठाकुर (निर्दलीय) को 7,270 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 56 लाहौल स्पीति थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 56 नाहन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राज कृष्ण गौर | 21,54733.7% | |
| 2 | गोविन्द सिंह ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 14,27722.3% |
| 3 | करण सिंह NDA | NDA | 13,03320.4% |
| 4 | धर्म वीर निर्दलीय | निर्दलीय | 12,95320.3% |
| 5 | मास्टर जवाहर लाल | 1,3842.2% | |
| 6 | चरण दास | 7471.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुल्लू से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1993 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1998 के 64.0% से बढ़कर 76.2% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।