कांगड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
सुरिंदर कुमार (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 38.9% वोट पाकर कांगड़ा सीट जीती और रतन लाल जगतम्बा (BJP) को 5,033 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 49 खेड़ा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 49 श्री नैना देवीजी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरिंदर कुमार | 18,83638.9% | |
| 2 | रतन लाल जगतम्बा NDA | NDA | 13,80328.5% |
| 3 | चौधरी विद्या सागर निर्दलीय | निर्दलीय | 9,88220.4% |
| 4 | दौलत राम HVC NDA | HVC NDA | 3,1186.4% |
| 5 | हिमाल चन्द | 1,5173.1% | |
| 6 | दीपक कुमार ABHM | ABHM | 4881.0% |
| 7 | धर्मेन्द्र कुमार | 4781.0% | |
| 8 | पुष्पा देवी | 2970.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांगड़ा से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1993 में जीत दर्ज की थी। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 70.2% से बढ़कर 71.8% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1977प्रताप चौधरी (JNP), जीत का अंतर 10.2%
- 1982विद्या सागर (BJP), जीत का अंतर 31.2%
- 1985विद्या सागर (BJP), जीत का अंतर 10.3%
- 1990विद्या सागर (BJP), जीत का अंतर 50.3%
- 1993दौलत राम (INC), जीत का अंतर 16.7%
- 1998विद्या सागर चौधरी (BJP), जीत का अंतर 17.6%
- 2003सुरिंदर कुमार (INC), जीत का अंतर 10.4%
- 2007संजय चौधरी (BSP), जीत का अंतर 2.4%