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हिमाचल प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 30

चिंतपूर्णीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998

प्रवीन शर्मा (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 37.1% वोट पाकर चिंतपूर्णी सीट जीती और हरि दत्त (INC) को 653 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 30 संतोखगढ़ थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 30 दरंग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

प्रवीन शर्मा
BJP· NDA
BJP 37.1%INC 35.2%6 अन्य 27.7%
मिले वोट
12,764
मतों का 37.1%
जीत का अंतर
653
कुल वोटों का 1.9%
उम्मीदवार
8
मतदान प्रतिशत
68.5%
50,192 मतदाताओं में से

चिंतपूर्णी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 653 से भी कम वोटों का फ़ासला था।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

8 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
प्रवीन शर्मा
NDA
NDA
12,76437.1%
2
हरि दत्त
12,11135.2%
3
गणेश दत्त भेरवाल
7,60622.1%
4
सुषमा शर्मा
HVC
HVC
1,2273.6%
5
सोम दत्त
निर्दलीय
निर्दलीय
3000.9%
6
किशन सिंह
निर्दलीय
निर्दलीय
1730.5%
7
गीता देवी
1290.4%
8
अजीत कुमार शर्मा
830.2%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
1.9%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
69%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
कई दावेदारों वाला मुक़ाबला

सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.21

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
68 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 35

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
37.1%BJP की जीत
BJP 37.1%INC 35.2%BSP 22.1%अन्य 5.6%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

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ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

चिंतपूर्णी से कौन जीता, 1977–2007

BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 66.3% से बढ़कर 68.5% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।

  1. 1977हंस राज (JNP), जीत का अंतर 9.3%
  2. 1982हंस राज अकरोट (INC), जीत का अंतर 7.9%
  3. 1985गणेश दत्त (INC), जीत का अंतर 8.7%
  4. 1990सुषमा शर्मा (BJP), जीत का अंतर 9.7%
  5. 1993हरि दत्त (IND), जीत का अंतर 17.5%
  6. 1998प्रवीन शर्मा (BJP), जीत का अंतर 1.9%
  7. 2003राकेश कालिया (INC), जीत का अंतर 24.8%
  8. 2007राकेश कालिया (INC), जीत का अंतर 33.6%