जामनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
प्रो. वसुबेन त्रिवेदी (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर जामनगर सीट जीती और जितेन्द्र हरिदास लाल (जीतू लाल) (INC) को 1,080 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 25 कालावड थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 25 महेसाणा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
जामनगर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,080 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रो. वसुबेन त्रिवेदी NDA | NDA | 33,02148.0% |
| 2 | जितेन्द्र हरिदास लाल (जीतू लाल) UPA | UPA | 31,94146.5% |
| 3 | जानी विनोदभाई त्रंबकलाल | 1,3071.9% | |
| 4 | देवीदान गोपाल गढवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0981.6% |
| 5 | किरात्सता दीपककुमार नवरंगभाई BJSH | BJSH | 4420.6% |
| 6 | जोशी मनोजभाई प्रभाशंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3490.5% |
| 7 | जाडेजा रघुवीरसिंह मेरुजी निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.3% |
| 8 | कादर सत्तार लाखा निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.3% |
| 9 | भट्ट मधुबेन किशोरभाई | 1780.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जामनगर से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने यहाँ लगातार छठी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.3% से बढ़कर 48.0% हो गया। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2002 के 49.9% से बढ़कर 52.2% हो गया।
- 1975विनोदभाई बी. शेठ (BLD), जीत का अंतर 21.8%
- 1980एम. के. ब्लोच (INC(I)), जीत का अंतर 21.8%
- 1985वसंतभाई संघवी (BJP), जीत का अंतर 25.2%
- 1990संघवी वसंतकुमार एम. (वसंतभाई संघवई) (BJP), जीत का अंतर 22.6%
- 1995खट्टर परमानन्द विशनदास (BJP), जीत का अंतर 18.4%
- 1998खट्टर परमानन्द विशनदास परमान्द (BJP), जीत का अंतर 14.0%
- 2002त्रिवेदी वसुबेन नरेन्द्र (BJP), जीत का अंतर 7.8%
- 2007प्रो. वसुबेन त्रिवेदी (BJP), जीत का अंतर 1.6%