चीखलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
पटेल नरेशभाई मगनभाई (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर चीखली सीट जीती और पटेल भारतीबेन नरदेवभाई (INC) को 2,267 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 176 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 176 गणदेवी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चीखली का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,267 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पटेल नरेशभाई मगनभाई NDA | NDA | 59,47148.0% |
| 2 | पटेल भारतीबेन नरदेवभाई UPA | UPA | 57,20446.2% |
| 3 | पटेल वेणीलाल सुकरभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4933.6% |
| 4 | पटेल सुशीलकुमार चिमनलाल | 2,7082.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.25 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चीखली से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1998 में जीत दर्ज की थी। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2002 के 67.0% से बढ़कर 69.0% हो गया।
- 1975पटेल भगुभाई परसोत्तमभाई (NCO), जीत का अंतर 17.9%
- 1980पटेल कानजीभाई मगनभाई (BJP), जीत का अंतर 10.3%
- 1985पटेल भारतीबेन नरदेवभाई (INC), जीत का अंतर 10.4%
- 1990कानजीभाई मगनभाई पटेल (BJP), जीत का अंतर 28.8%
- 1995पटेल कानजीभाई मगनभाई (BJP), जीत का अंतर 38.4%
- 1998कानजीभाई मगनभाई पटेल (BJP), जीत का अंतर 10.7%
- 2002भारतीबेन नरदेवभाई पटेल (INC), जीत का अंतर 10.6%
- 2007पटेल नरेशभाई मगनभाई (BJP), जीत का अंतर 1.8%