आनंदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
पटेल ज्योत्स्नाबेन राजुभाई (BJP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 44.4% वोट पाकर आनंद सीट जीती और सोढापरमार कांतिभाई मणीभाई (कांतिभगत) (INC) को 1,770 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 133 वाघोडिया थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 133 गरबाडा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
आनंद का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,770 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पटेल ज्योत्स्नाबेन राजुभाई NDA | NDA | 63,74544.4% |
| 2 | सोढापरमार कांतिभाई मणीभाई (कांतिभगत) UPA | UPA | 61,97543.2% |
| 3 | दिलीप पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 12,1348.4% |
| 4 | राज पीयूषकुमार जीतसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2361.6% |
| 5 | निलेश पटेल ABRRP(P) | ABRRP(P) | 1,1930.8% |
| 6 | दिलीपभाई मणीभाई पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 9230.6% |
| 7 | पटेल पिनाकीनभाई हसमुखभाई | 7650.5% | |
| 8 | पौलोमिमेन जष्टिन परमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6260.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आनंद से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1995 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.4% से घटकर 44.4% रह गया। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2002 के 65.0% से घटकर 63.3% रह गया।
- 1975सोलंकी रणछोड़भाई शनाभाई (INC), जीत का अंतर 25.9%
- 1980सोलंकी रणछोड़भाई शनाभाई (INC(I)), जीत का अंतर 43.4%
- 1985रणछोड़भाई शनाभाई सोलंकी (INC), जीत का अंतर 49.0%
- 1990पटेल घनश्यामभाई रवजीभाई (JD), जीत का अंतर 2.0%
- 1995पटेल दिलीपभाई मणीभाई (BJP), जीत का अंतर 21.3%
- 1998पटेल दिलीपभाई मणीभाई (BJP), जीत का अंतर 9.7%
- 2002पटेल दिलीपभाई मणीभाई (BJP), जीत का अंतर 21.0%
- 2007पटेल ज्योत्स्नाबेन राजुभाई (BJP), जीत का अंतर 1.2%