जूनागढविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
मशरू महेन्द्र लिलाधर (BJP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 57.8% वोट पाकर जूनागढ सीट जीती और चांचड़िया ईश्वरलाल (ठाकुर) मोहनभाई (INC) को 21,288 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 42 धारी कोडीनार थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 42 वेजलपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मशरू महेन्द्र लिलाधर 20.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मशरू महेन्द्र लिलाधर NDA | NDA | 60,15557.8% |
| 2 | चांचड़िया ईश्वरलाल (ठाकुर) मोहनभाई | 38,86737.3% | |
| 3 | उपाध्याय दमयंतीबेन मनुभाई | 1,4221.4% | |
| 4 | चोवटीया परषोत्तम नारणभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4061.4% |
| 5 | चावड़ा खीमजी आनंदजी निर्दलीय | निर्दलीय | 7010.7% |
| 6 | कल्याणी अयूबखान अब्दुलखान | 6930.7% | |
| 7 | कोडियातर नारणभाई हीराभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 5070.5% |
| 8 | राठोड खीमजीभाई आनंदाजीभाई RPI(KH) | RPI(KH) | 3310.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जूनागढ से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 69.9% से घटकर 57.8% रह गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 40.9% से बढ़कर 49.4% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1975आचार्य हेमाबेन सूर्यकांत (BJS), जीत का अंतर 43.1%
- 1980पटेल गोरधनभाई गोकलभाई (INC(I)), जीत का अंतर 18.8%
- 1985पटेल गोधनभाई गोकल भाई (INC), जीत का अंतर 31.6%
- 1990मशरु महेन्द्र लिलाधर (IND), जीत का अंतर 22.1%
- 1995महेन्द्र लिलाधर मशरु (IND), जीत का अंतर 27.2%
- 1998मशरू महेन्द्रभाई लिलाधर (BJP), जीत का अंतर 49.8%
- 2002मशरू महेन्द्र लिलाधर (BJP), जीत का अंतर 20.4%
- 2007मशरु महेन्द्रभाई लिलाधरभाइ (BJP), जीत का अंतर 26.0%